Computer क्या है ? किसने बनाया ? Computer की पूरी जानकारी Hindi में

नमस्कार दोस्तों हिंदी computer और Blogging में आप का स्वागत है तो आज के लेख में हम जानेंगे की Computer क्या है ? किसने बनाया ? Computer की पूरी जानकारी Hindi में तो अगर आप भी कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी पाना चाहते हो तो Scroll Down करो और पूरा Post Hindi में पढ़ो क्यों की आज आप बहुत कुछ सिखने वाले हो 🙂

कंप्यूटर जिसे संगणक, परिकलक भी कहा जाता है वास्तविक में Computer एक programmable machine है जो दिए गए Mathematical तथा Logical operation को sequence Wise स्वचालित रूप से करने में सक्षम है इसे Numerical mathematical ,Logical action , और अन्य different types के Calculations को Accuracy से पूर्ण करने के लिए Schematic तरीके से Guided किया जाता है क्यों की किसी भी कार्य योजना को पूर्ण करने के लिए sequence-wise Instructions देना जरूरी है और Computer एक से ज्यादा तरह की Proceedings को execution दे सकता है और इस Instructions को ही कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग कहते है .और कम्प्यूटर खुद प्रोग्रामिंग भाषा की मदद से User’s के Instructions को समझता है

सीधे भाषा में कहे तो कंप्यूटर को हम humans को language समझ नहीं आती है वे Binary code के language को समझती है और इस Binary code मदत से एक program बनाया जाता है और इस प्रोग्राम को इस तरह design किया जाता है की वे Program को हम Human’s भी Instructions दे सकते है और वे computer भी हमारे दिए Instructions को समझ के Follow कर सके

दुनिआ में Mechanical computer कई सदियों से मौजूद है तब से अबतक Computer आकार में छोटा और संक्रिया की दृष्टि से अत्यधिक Capable होता गया हैं  दोस्तों  आज के Computer इतने Advance हो चुके है के वे एक घडी के अंदर भी समा सकते है

(IC) integrated circuit पर आधारित आधुनिक संगणक पुराने जमाने के संगणकों के मुकबले करोड़ो अरबो गुना ज्यादा समर्थ है और बहुत ही कम जगह लेते है . सामान्य कंप्यूटर इतने छोटे होते है कि मोबाइल फ़ोन में भी समा सकते है और मोबाइल कंप्यूटर एक छोटी सी बैटरी से मिली ऊर्जा से भी काम कर सकते है

ज्यादातर लोग “कंप्यूटर ” के बारे में यही राय रखते है कि Technology के विभिन्न स्वरूपों में Personal computer  Information Technology युग के नायक है

दोस्तों कंप्यूटर शब्द का प्रथम प्रयोग वर्ष १६१३ में अंग्रेज लेखक “Richard Brathwait” की पुस्तक ‘”the young man’s gleanings“‘ में पाया गया और तभी से यह शब्द २० वी शताब्दी के मध्य तक इस सन्दर्भ में हूबहू प्रयोग होता आ रहा है , दोस्तों संगणक व अभिकलित्र यह हिंदी नाम Indian Government के Resource development के विकास मंत्रालय द्वारा जारी किये गए हैं 🙂

 

 Computer का इतिहास क्या है

दुनिआ का पहला mechanical Computer Charles Babbage ने बनाया है जिन्हे हम कम्पूटर के फादर भी कहते है Charles Babbage एक ब्रिटिश mathematician और engineer थे

Charles Babbage ने एक Difference engine नाम के एक ऐसे mechanical Computer Device का अविष्कार किया था जिसे दुनिआ का पहिला Automatic mechanical calculator के तोर पर जाना जाता है और “Babbage ” ने दुनिआ का पहिला General Purpose computer भी design किया था जिसे analytical engine कहा जाता है और यही analytical engine आगे जाकर एक जटिल कंप्यूटर बना था

 

 

26 December 1791( London ) में Charles Babbage का जन्म हुआ था उनके पिता का नाम Benjamin Babbage और माँ का नाम betsy plumleigh teape था ,

Babbage पेशे से एक Banker थे Babbage और betsy के Charles को मिलकर 4 बच्चे थे , 8 साल के उम्र में Charles को एक जानलेवा बुखार हुआ और उस से संबलने के लिए Charles को पास के ही एक country school में भेजा गया पर बिघडते बुखारी के वजह से Charles को वे school जल्द ही छोड़ना पड़ा फिर उन्होंने ने कुछ privet teacher के मदत से घर में ही पढाई Continue की

उस के कुछ ही समय के बाद Charles ने एक अच्छे Academy में पढ़ने का फैसला किया और Academy में एक library थी जहा वे mathematics याने गणित पढ़ा करते थे और यही से उनकी गणित में रूचि बढ़ने लगी और वे बहुत तेज़ी से सब -कुछ सिखने भी लगे

दोस्तों Charles ने गणित में इतना कुछ सिख लिया था जो की उन्हें उनके cambridge में जाने के लिए काफी था फिर 1910 में Charles ने Trinity College, Cambridge में admission लिया पर वहा पर उनका मन नहीं लग रहा था क्यो की university के गणित पढ़ने के तरीके उन्हें उतने करगिर नहीं लगे जित ने वे होने चाहिए थे

cambridge की पढाई ख़तम करने के बाद 25 july 1814 में Charles ने Georgiana Whitmore से शादी की . फिर 1822 में Charles ने एक मशीन बनाने का फैसला किया जो उस मशीन को दिए जानेवाले Value की विशेलषण कर सकती थी और इस मशीन को उन्होंने Difference engine नाम दिया

 

 

यह मशीन 25,000 parts से बनी थी और इसका वजन करीब 13,500 किलो था |पर पैसो के कमी के वजह से यह Project पूरा “ना” सका पर उन्होंने हार नहीं मानी उन्होंने आपने मशीन को फिर से improve कर के सरकार को दिखाने का फैसला किया और अपने दूसरे project को Charles ने नाम दिया Difference engine 2 पर इस Project को भी funding नहीं मिली और यह Project बंद हो गया फिर 1989 में Project को फिर से खोला गया और 1991 में यह project पूरा हुआ

Difference engine के ना कामयाबी के बाद Charles ने और इंजिन बनाने का फैसला किया था और यह Difference engine का Modify Version था जिसे नाम दिया गया Analytical Engine 

और यह पहिला ऐसा इंजन था जिसे पंच कार्ड से program किया जा सकता था और यह दुनिआ का पहिला Computer था पर यह बहुत सारे part से मिलकर बना था और 3 मंजलि इमारत इतना बड़ा था इसीलिए यह भी इतना कारगर नहीं था पर देखा जाये तो यह हमारे आज के कंप्यूटर की शुरवात थी

 

Computer ki Puri janakari Hindi me

 

Computer की पूरी जानकारी हिंदी में

 

दोस्तों आप को कंप्यूटर क्या है ? किसने बनाया  है यह तो पता चल गया होगा अब यह बात करे Computer के internal part के बारे में जैसे की हम सभी को पता है की समय के चलते Computer की Size छोटी – छोटी होते गयी है और Computer Smart और Advance होते गया है ,भले कंप्यूटर को इंसान ने बनाया है फिर भी यह कहने में कोई निचा नहीं है की कंप्यूटर इंसान से ज्यादा Smart और त Tezz है और Computer को Smart और Tezz इन मे लगे hardware part बनाती है जैसे की पहले का एक Computer 3 मंजलि इमारत जितना था उसी तरह उनमे लगे जानेवाले part याने की Hard Disk और Ram भी कुछ कम नहीं थी

हम आप के लिए वे कुछ historical image दिखाने जा रहे है जिसे देख ने बाद आप भी Shock हो जायेंगे जैसे की निचे एक image gallery है किसे जिसे स्लाइड कर के वे सारे images देख सकते हो

 

 

दोस्तों कंप्यूटर के मुख्यता 4 प्रकार है जिसे आप को समज़ना बहुत जरूरी है

 

  • Super Computer :- यह सब से महंगे और powerful कंप्यूटर होते है जिसे बड़े -बड़े organization द्वारा ही इस्तिमाल किये जाते है आपने Space shuttle launch करने के लिए NASA भी यह Super Computer का ही इस्तिमाल करते है , India का first Super Computer July 1, 1991 में launch किया गया था जिसका नाम Supercomputer PARAM 8000 था

 

  • Mainfram Computer :- यह इतना powerful नहीं होता है जितना Super computer होता है लेकिन फिर भी यह महंगे होते है ज्यादा तर government organization इस तरह के computer इस्तिमाल करते है इसके सिवाय Bank ,education institute और कुछ बड़े Company भी Mainfram Computer इस्तिमाल करते है

 

  • Mini Computers :- इस तरह के कंप्यूटर small business और small organization द्वारा इस्तिमाल किये जाते है

 

  • Micro Computers :-हम जो आम तोर पर Desktop Computer , Laptop , tablet ,और smart phone इस्तिमाल करते है उसे Micro Computers कहते है

 

कंप्यूटर Operating System क्या है 

 

Computer के अंदर जितने भी management processes होती है वे ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा ही संभाले जाते है Operating system एक तरह का System software है operating system के द्वारा computer के सभी basic task perform किये जाते हैजैसे की → File management ,Memory management,processors management , दोस्तों Operating system के वजह से ही computer के जितने भी software है वे Computer की language समझ पाते है

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार:- Window , Linux , Mac

 

कंप्यूटर Hardware क्या है 

 

कंप्यूटर में लगे जितने भी electronic part है उसे हार्डवेयर कहा जाता है जैसे की Hard disk , Ram ,DVD, Motherboard , Power supply .etc और इन Part के वजह से ही कंप्यूटर हमे Display दिखता है अगर इन part में से कोई भी part ख़राब होता है तो Computer काम करना बंद कर देता है याने की यह समज लो की हार्डवेयर के बिना कंप्यूटर का कोई वजूद नहीं है

“आने वाले post में हम कंप्यूटर हार्डवेयर की पूरी जानकारी पता करेंगे “

 

कंप्यूटर के बारे कुछ interesting बाते

 

  • दुनिआ का पहिला portable Computer IBM 5100 था जिसे 1975 में लॉंच किया गया इस कंप्यूटर का वजन केवल 55 pounds था इसके लिए इसे कोई भी आसानी से उठा सकता था

 

  • दुनिआ के First digital computer का नाम ABC रखा था याने की ( Atanasoff-Berry Computer ) जिसे John Vincent Atanasoff और graduate student Cliff Berry ने 1937 में design किया था | ABC एक electrical computer था जिस में 300 vacuum tubes का इस्तिमाल किया गया था

 

  • दुनिआ का first stored program computer May 6, 1949 में बनाया था जहाकंप्यूटर के द्वारा पहिला calculation हुआ था और इस project का नाम “Baby” था

 

  • दुनिआ की first computer company , ” Electronic Controls Company ” थी जिसके founder Presper Eckert और John Mauchly जिन्होंने 1949 में यह कंपनी की शुरवात की

 

  • दुनिआ का first Apple computer $666.66. में sold हुआ था

 

दोस्तों आप को हमारा post कैसे लगा यह निचे Comment में जरूर बताये और post को आपने दोस्तों के share करना ना भूले क्यो की Sharing is Caring ना…

 

अगर आप ने हमारे Blog को अबतक Subscribe नहीं किया है तो अभी Subscribe कर दो क्यों की हम रोजाना कंप्यूटर , लैपटॉप ,हार्डवेयर ,चिपलेवेल ,हैकिंग ,टेक्नोलॉजी ,ट्रिक ,टिप्स , से जुड़े नए – नए लेख आप के लिए हिंदी में लाते रहते है

5 COMMENTS

    • shubham singh Hum ne Aap ki Application Check hai par yah ek free App hai jise Website ke Help Se Banayi Gai hai aur yah Android play store par upload nahi hai Isliye Hum aap ke Application ko Yaha prompt nahi kar sakate hai

  1. Hello priya ji kya aap bta sakti hai…aapki site par kaun sa theme hai aur kaun si fonts hai…

    Please aap blog se related jaise adsense,blogspot,wordpress in sab ke baare me post likhe..

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here