Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

bijali kaise banti hai : आज कल के जीवन में कोई अनोखा ही इंसान होगा जो बिजली के बारे में नही जानता होगा, आजका युग आधुनिक युग है इस युग में हम बिजली की उर्जा पर बहुत ज्यादा आधारित है

स्कूल में पंखे से लेकर ऑफिस के कंप्यूटर और घर में टीवी आदि सब बिजली से चलते है और सबसे मुख्य चीज़ जिसने रात में भी अँधेरा नही रहने दिया हमारा बल्ब वो भी बिजली से ही चलत है

यह सवाल तो अक्सर आता ही होगा की बिजली कैसे बनती है, कौन बनाता है, हमारे पास कैसे आती है आदि

बिजली एक ऐसी उर्जा है जो हमारे परमाणु से भी छोटे या कह सकते है परमाणु के अन्दर चल रहे इलेक्ट्रान के कारण पैदा होती है

किसी भी प्रकार के उर्जा को बनाया नही जा सकता है इस तथ्य को भौतिक विज्ञान ने बहुत बार साबित किया है हम बस उर्जा को एक रूप से बदलकर दुसरे रूप में ला सकते है

 

Bijali kaise Banti hai in Hindi 
Bijali kaise Banti hai in Hindi 

विषय

बिजली क्या है – Bijali kaise Banti hai in Hindi 

बिजली एक प्रकार की ऊर्जा है यह उर्जा इलेक्ट्रान के गति में रहने से मिलती है बिजली भी हमारी कुदरत का एक हिस्सा है

और अब तो यह हमारे रोजाना के जीवन का भाग बन गया है हमें जो बिजली मिलती है वो हमने किसी और प्रकार की ऊर्जा को बिजली में बदलकर मिलती है

इस बिजली को हम अलग-अलग तरह से इस्तेमाल करते है इस ऊर्जा को हम हमे कुदरती रूप से मिली उर्जा के परिवर्तन से बनाते है

बिजली प्राकृतिक रूप से हमारे पास इतनी मौजूद नही है की हम उससे अपनी ज़रूरते पूरी कर पाए इसीलिए हम उसको और रूप में हमारे पास जो उर्जा मौजूद है उससे बनाते है

हम अलग-अलग प्रकार की उर्जा को बदलकर विद्युत उर्जा बनाते है

प्राथमिक (Primary) उर्जा श्रोत

जो उर्जा हमें प्राकृतिक रूप से मिली हुई है उसे हम प्राथमिक(primary) उर्जा श्रोत कहते है

माध्यमिक(secondary) उर्जा श्रोत

जिस उर्जा को हम मुख्य उर्जा श्रोत से बनाते है उसे माध्यमिक(secondary) उर्जा श्रोत कहते है


बिजली कैसे बनती है – Bijali (Electricity) kaise banti hai 

बिजली को हम मुख्य उर्जा श्रोत जैसे जल, हवा सूरज, कोयला आदि की सहायता से बनाते है इसलिए बिजली भी हमारी माध्यमिक उर्जा में आती है

विद्युत् उत्पाद में हम प्राथमिक ऊर्जा के श्रोत को विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तन कर देते है, विद्युत् ऊर्जा प्राकृतिक तौर पर इतना हमारे पास नही है की हम इसे एकत्र कर पाए या इसकी संभाल कर पाए प्राकृतिक तौर पर जो बिजली हमारे पास मौजूद है वो बहुत ही खतरनाक है और तो और हम इसे एकत्र भी नही कर सकते है

जो बिजली हमारे प्रयोग में आती है वह हमारे पास फ्री में मौजूद नही है क्योकि हमें उसे खुदसे बनान पड़ता है उसको बनाने में, उसको पहुँचाने में, उसकी संभाल करने में लोगों का बल और बहुत मेहनत लगती है जिस कारण  बिजली का इस्तेमाल करने के लिए पैसा लगता है

बिजली प्राकृतिक तौर पर मौजूद प्राथमिक ऊर्जा से पैदा की जाती है प्राथमिक उर्जा के तौर पर हमारे पास कोयला, प्राकृतिक गैस, हाइड्रो (पानी), परमाणु, हवा, सूर्या आदि उर्जा श्रोत मौजूद है

इन्ही उर्जा श्रोतो की उर्जा को हम विद्युत् उर्जा में परिवर्तित करते है

 

बिजली पैदा करने के तरीके 

 

कोयले से बिजली कैसे बनती है – koyla se bijali kaise banti hai

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा मात्रा में उर्जा कोयले से पैदा होती है यह पूरे विश्व में कुल 37 प्रतिशत कुल विद्युत् ऊर्जा बनाने में सहयोग करता है

कोयला हमें प्राकृतिक रूप से तो मिलता है पर यह हमारे पास अनंत नही है

कोयला कई हज़ार वर्षो के बाद बनता है हमारे पास इसके भण्डार तो है पर हमें इसी कोयला का उपयोग तक तक करना है जब तक हमारे पास और कोयला न प्रगट हो जाए

आज के युग में जिस हिसाब से हम कोयले का उपभोग कर रहे है लग तो ऐसा ही रहा है की अगले कुछ 100 वर्षो के भीतर हमारा कोयले का भण्डार ख़त्म हो जाएगा

और हमें प्राकृतिक रूप से कोयला बनाने का इंतज़ार करना पड़ेगा कोयला बनाने में लगने वाले साल के कारण हो सकता है की हम बहुत पीछे रह जाये

कोयले से बिजली बनाने का सबसे मशहूर तरीका कोयले को जला के उससे बिजली बनाने का है

 

कोयले से बिजली बनाने की प्रक्रिया 

Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

Step 1

कोयले को ज्यादा क्षेत्र में फैलाने के लिए सबसे पहले इसको एक महीन पाउडर में पीस दिया जाता है और इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है की ये अच्छे तरीके से जल सकता है

Step 2

जिस कोयले के पाउडर का निर्माण हमने किया है उसे गर्म हवा में मिला दिया जाता है और बायलर के दहन कक्ष में डाल दिया जाता है इसके बाद इस कक्ष में आग लगा दी जाती है जिससे कोयला अच्छे से जल सके

Step 3

गर्म उर्जा और गर्म हवा के कक्ष में पैदा होने के कारण बायलर पाइप में पानी वाष्पित होने लगता है और यह भाप में बदल जाता  है

Step 4

पैदा हुई भाप को 1000 डिग्री फारेनहाइट तक गरम किया जाता है जिससे इस पर बहुत दबाव पड़ता है इसके बाद इसको टरबाइन में भेज दिया जाता है

Step 5

इस उच्च दबाव वाली भाप टरबाइन में मौजूद प्रोपेलर ब्लेड को उच्च वेग में घुमाती है

Step 6

बहुत ज्यादा गति से घूमने के कारण गतिज ऊर्जा पैदा होती है यह इसी भाप को चुम्बक के बीच में कॉपर कोइल के बीच घुमाता है इसी से हमारे गतिज ऊर्जा विद्युत् उर्जा में बदल जाती है

Step 7

जब सारी गतिज ऊर्जा विद्युत् उर्जा में बदल जाती है इसके बाद भाप कंडेंसर के इस्तेमाल से ठंडा किया जाता है और उसे पानी में तब्दील कर दिया जाता है

Step 8

इस पानी को वापस बायलर में डाल दिया जाता है और प्रक्रिया दोबारा शुरू हो जाती है अब आप समझ गए होंगे की कोयले से बिजली कैसे बनती है

 

कोयले की उर्जा को इस्तेमाल करने के फायदे और नुक्सान 

नंबर   फायदे  नुक्सान  
1  कोयला अन्य प्रकार के ईधन से सस्ता है   यह एक अनावीकरनीय उर्जा है  
2  इससे कचरा बहुत कम पैदा होता है   यह स्वस्थ्य और कुदरत दोनों के लिए नुक्सान दायक है  
3 

 

इससे बिजली बनाना आसन है   यह बहुत ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है  
4  यह सुरक्षित विकल्प है   यह रेडिएशन भी छोड़ता है  
5  यह बहुत आसानी से जल जाता है   बहुत खतरनाक उर्जा श्रोत है  
6  इसको एकत्र करना बहुत आसन है   यह ध्वनि प्रदूषण भी करता है 

जब एक बार बिजली स्टेशन कोयले से बिजली बना लेता है तो वह यह उर्जा ट्रांसफार्मर को भेज देता है, ट्रांसफार्मर दूरी के हिसाब से उर्जा के वोल्टेज को बढ़ा देता है जिससे वह दूर तक यात्रा कर सके

ट्रांसफार्मर के साथ ट्रांसमिशन लाइन जुडी होती है जो की सबस्टेशन तक बिजली पहुचती है

इन सब स्टेशन से जुडा ट्रांसफार्मर वोल्टेज को कम करता है और उन्हें घरों तक भेजा जाता है


पानी से बिजली कैसे बनती है – Pani se bijali kaise banti hai

ये सोचने वाली बात है की पानी से bijali kaise banti hai पहले पानी का प्रयोग यांत्रिक उर्जा के लिए होता था पर समय के साथ देखा गया की अगर पानी से यांत्रिक उर्जा बन सकती है तो विद्युत् उर्जा भी बन ही सकती है

हमें पता है हमारे पृथ्वी में 71% पानी है यानी हम कह सकते है की पानी हमारे पास इतना है की हम इसका अन्य इस्तेमाल भी कर सकते है

2019 को आखिरी बार जब देखा गया था तो विश्व में 19 प्रतिशत बिजली बनाने में योगदान हाइड्रोप्लांट कर रहे थे ये आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है

 

हाइड्रोपॉवर जल चक्र पर निर्भर करती है

जल चक्र

  • सूर्य उर्जा सतह पर मौजूद पानी को गर्म कर देती है जिससे पानी भाप बनके उड़ जाता है
  • यह जलवाष्प बादलो में चले जाते है और बादलों को भारी कर देते है और वर्षा के रूप में वापस पृथ्वी पर आ जाते है
  • बारिश होने पर पानी नदियों और झीलों में एकत्र हो जाता है और जल चक्र वापस शुरू हो जाता है

हाइड्रो पॉवर प्लांट में निम्नलिखित हिस्से होते है जिन चीज़ों की सहायता से पानी बिजली में परिवर्तित होता है

हाइड्रोपॉवर प्लांट के हिस्से

  • बांध

पानी को एक ऊंचाई से गीराने के लिए ताकि गतिज उर्जा पैदा हो सके पानी के बांध को बड़ी-बड़ी पहाडी नदियों के नीचे बनाया जाता है ताकि पानी ऊपर से गिरे और पोटेंशियल उर्जा पैदा हो सके और उसे हम गतिज उर्जा में बदल सके

  • नियंत्रण द्वार

जलाशय से कितना पानी लेना है और कब पानी लेना बंद कर देना है इसको सँभालने के लिए नियंत्रण द्वार लगाया जाता है यह पेनस्टाक और जलाशय के बीच में लगाया जाता है

  • पेनस्टाक

यह जलाशय से टरबाइन तक पानी को स्टील पाइप के माध्यम से लेके जाती है इसी से पानी की संभावित उर्जा गतिज उर्जा में बदल जाती है

  • वाटर टरबाइन

टरबाइन एक जनरेटर से जुड़ा है पानी गतिज उर्जा में होने के कारण यह टरबाइन को चला देती है और टरबाइन जनरेटर से जुड़े होने के कारण जनरेटर चल पड़ता  है और गतिज उर्जा विद्युत् उर्जा में बदल जाती है

  • जनरेटर

टरबाइन के साथ एक जनरेटर जोड़ा जाता है और यह गतिज उर्जा को विद्युत् उर्जा में बदलता है जब टरबाइन के चलने से ब्लेड घूमता है तो जनरेटर चलने लगता है

 

पानी से विद्युत् उर्जा बनने की प्रक्रिया

 

Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

 

step 1

जलाशय से एक संभावित उर्जा से पानी बांध में आता है

step 2

बांध से संभावित उर्जा से युक्त पानी नियंत्रण द्वार से गुजरता हुआ पेनस्टाक से टरबाइन तक जाता है जिससे संभावित उर्जा गतिज उर्जा  में परिवर्तित हो जाती है

step 3

टरबाइन में पहुचने पर पानी गतिज उर्जा में होने के कारण टरबाइन को शुरू कर देता है टरबाइन से जुड़ा जनरेटर भी शुरू हो जाता है

step 4

जनरेटर से बाधित उर्जा विद्युत् उर्जा में बदल जाती है

 

हाइड्रो पॉवर प्लांट के प्रकार 

  1. पारंपरिक प्लांट
  2. पंप भंडारण संयंत्र प्लांट
  3. रन ऑफ रिवर प्लांट

 

पानी की उर्जा के फायदे और नुक्सान 

नंबर    फायदे    नुक्सान 
1  यह एक नवीकरणीय उर्जा का श्रोत है   इसका पानी में रहने वाले मछलियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है  
2  इससे किसी प्रकार का रेडिएशन नही होता है   इसको बनाने के लिए ख़ास तरह की जगह की ज़रूरत होती है  
3 

 

यह बहुत ही आरामदायी और विश्वशनीय उर्जा है   इससे बाढ़ के आने का खतरा बढ़ जाता है  
4  इसके कारण भूमि का तेज़ी से विकास होता है   इससे कार्बन और मीथेन गैस निकलती है  
5  इसके कारण नई झीलों का निर्माण होता है    इसको इस्तेमाल में लाने के लिए ख़ास सेटअप करना पड़ता है  
6  यह बहुत ही सुरक्षित उर्जा श्रोत है   यह बहुत ज्यादा उर्जा नही बना पाता 

प्राकृतिक गैस से बिजली कैसे बनती है – Gas se bijali kaise banti hai

प्राकृतिक गैस सबसे सस्ता और सबसे ज़ल्दी विद्युत् उर्जा बनाने वाला श्रोत है अमेरिका में लोगो के विद्युत् उर्जा की ज़रूरतें सबसे ज्यादा प्राकृतिक गैस की सहायता से पूरी होती है

प्राकृतिक गैस पृथ्वी की एक सतह के नीचे मिलती है

प्राकृतिक गैस एक ऐसी गैस है जो हमें धरती की सतह के नीचे या समुन्द्र में मिलती है हम इसको जला कर इससे बिजली और गर्मी पैदा कर सकते है

यह हमारे पास बहुत ज्यादा  मात्रा में है पर हम ऐसा भी नही कह सकते की ये कभी ख़त्म नही होगी और अगर ये ख़त्म हो भी गयी तो भी कुछ समय के बाद प्राकृतिक तौर पर यह फिरसे बन जाएगी


प्राकृतिक गैस से बिजली बनाने की प्रक्रिया

Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

Step 1

सबसे पहले प्राकृतिक गैस को पृथ्वी से निकाल कर संसाधित किया जाता है इसको बिजली स्टेशन तक पाइपो की सहायता से पहुचाया जाता है

Step 2

इसमें बायलर और टरबाइन की सहायता से बिजली उत्पन्न करते है बायलर से गैस को गर्म करते है ताकी वो भाप में परिवर्तित हो और उसी भाप को टरबाइन में घुमा देते है ताकी भाप की गतिज उर्जा विद्युत् उर्जा में बदल जाए इस भाप के दाब के कारण टरबाइन चलने लगती है और गतिज उर्जा विद्युत् उर्जा में बदल जाती है

Step 3

उत्पन्न हुई बिजली को बिजली को भेजने वाली ट्रांसमिशन लाइनों के द्वारा मुख्य स्टेशन तक भेजा जाता है

 

प्राकृतिक गैस पॉवर प्लांट के प्रकार 

  • सरस चक्र गैस प्लांट

इसकी क्षमता 35 से 40 प्रतिशत है इसमें सब प्रक्रिया सामान ही है पर इसमें व्यर्थ ऊष्मा को वापस से जनरेटर में नही डाला जाता है जिससे वह सीधा पर्यावरन में चली जाती है और अधिक कार्बन डाइऑक्साइड भी पैदा होता है

  • संयुक्त चक्र गैस प्लांट 

इसको सरल चक्र में आनी वाली परेशानियों को सुलझाने के लिए बनाया है इसके क्षमता 61 प्रतिशत है और इसके व्यर्थ ऊष्मा का प्रयोग भी कर लिया जाता है और तो और ये सरल चक्र के मुकाबले बहुत कम कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करता है

 

प्राकृतिक गैस के फायदे  और नुक्सान

नंबर  फायदे   नुक्सान  
1  यह अन्य जीवाश्म ईधन से सस्ती है   इसकी प्रसारण प्रक्रिया बहुत लम्बी होती है  
2  इसका इस्तेमाल आसन है   यह वातावरण को दूषित करती है  
3 

 

यह बहुत कम वातावरण को दूषित करती है  गैरजिम्मेदारी की हालत में इससे बहुत नुक्सान हो सकते है
4  यह एक विश्वशनीय और आरामदाई श्रोत है   यह जलने अपर मीथेन, प्रोपेन और कार्बन छोडती है  
5  इसकी संभाल करना आसन है   इसकी संभाल करना आसन तो है पर महँगा है   

 


परमाणु उर्जा से बिजली कैसे बनती है  – Parmanu urja bijali kaise banti hai

इसमें परमाणु के आपस में हुए प्रतिक्रिया से पैदा होने वाली उर्जा को विद्युत् उर्जा में बदला जाता है

परमाणु में होने वाली प्रक्रिया विलय और विखंडन है  

 

  • विलय 

इसमें दो या दो से ज्यादा छोटे छोटे परमाणु आपस में जुड़ जाते है इनके जुड़ने पर जो उर्जा निकलती है उसे विलय उर्जा कहते है

  • विखंडन 

इसमें एक परमाणु दो या दो से ज्यादा टुकड़ों में टूट जाता है और इनके टूटने पर जो उर्जा निकलती है उसे विखंडन उर्जा कहते है

परमाणु इन्ही दो तरीको से उर्जा पैदा करते है इसी उर्जा का इस्तेमाल करके हम विद्युत् उर्जा पैदा करते है

क्या आप जानते है आज के समय में  30 से अधिक देशों में 400 से ज्यादा आविज्यिक रिएक्टर है इन्ही की सहायता से विद्युत् उर्जा पैदा की जाती है

यह बिजली पैदा करने का एक मात्र श्रोत है जो बिजली के निरंतर आपूर्ती करता है

 

परमाणु उर्जा से बिजली बनाने की प्रक्रिया

Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

Step 1

यह चेन रिएक्शन करता है जिससे उर्जा उत्पन्न होती है

Step 2

इसी उर्जा से पानी को भाप में बदला जाता है

Step 3

इसी भाप को अत्यधिक दाब देकर टरबाइन में डाल दिया जाता है

Step 4

भाप के कारण टरबाइन चलने लगती है और भाप की गतिज उर्जा विद्युत् उर्जा में परिवर्तित हो जाती है


यह हमारे पर्यावरण को कोई नुक्सान नही पहुचता, इसमें आम तौर पर विखंडन से उर्जा पैदा की जाती है

प्रत्येक युरेनियम प्लेट के अन्दर बहुत सारे नाभिक होते है इन नाभिक के विभाजन से ही बहुत ज्यादा ऊष्मा पैदा होती है

अन्य तरह के तत्वों का भी इस्तेमाल किया जाता है पर उरेनियम सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तत्व है

 

परमाणु उर्जा के फायदे और नुकसान 

नंबर  फायदे  नुक्सान 
1  इसकी सञ्चालन लगत कम है   इसको एक बार सेटअप करना बहुत महंगा है  
2  यह पर्यावरण प्रदूषण बहुत कम करता है   यह कार्बन छोड़ता है  
3  यह लगातार उर्जा दे सकता है   यह रेडिएशन का कचरा छोड़ता है  

 

सूर्या की किरणों से बिजली कैसे बनती है – Surya ki kirano se bijali kaise banti hai

सूर्या की किरणों से हम सीधे भी उर्जा का इस्तेमाल कर सकते है आजके समय में ऐसी बहुत सी चीज़ें बनायीं गयी है जिससे हम सूरज की रौशनी को सीधे तरीके से इस्तेमाल कर सकते है

और जब बिजले बनाने की बात आती है तो ये साफ़ है की सूर्य उर्जा के बारे में सब अवगत होंगे

मोदी जी के द्वारा शुरू की गयी योजना के तहत लोगों को सोलर पैनेल भी दिए है जिसके इस्तेमाल से आप अपने पूरे घर को रोशन कर सकते है

सूर्य उर्जा एक ऐसा माध्यम है जो स्वतंत्र है इसके लिए किसी भी स्टेशन पर निर्भर नही होना पड़ता है इसको हम अपने घर पर भी बना सकते है

ऐसे पैनेल का निर्माण किया गया है जिसको छत पर लगाने से वह पैनेल सूरज से पडने वाली रौशनी से उर्जा सोख लेते है और उसको एकदिश धारा अर्थात डायरेक्ट कर्रेंट में बदल देते है

जिसका इस्तेमाल हम किसी भी  काम के लिए कर सकते है इन पैनेल के साथ में एक बैटरी लगी होती है जो सूर्य उर्जा से बनी विद्युत् ऊर्जा को जमा करती है

 

सूर्या उर्जा से बिजली बनने की प्रक्रिया

Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

Step 1

सूर्या की उर्जा सौर्य पैनेल पर पड़ने पर सूर्या उर्जा फोटोवोल्टिक कोशिकाओं द्वारा अवशोषित कर ली जाती है

Step 2

फोटोवोल्टिक कोशिकाओं में क्षमता होती है की वो सूर्या उर्जा को उसी सामान विद्युत् उर्जा में बदल सकती है

Step 3

फोटोवोल्टिक कोशिकाएं बनी विद्युत् उर्जा को बैटरी में एकत्र कर देती है

Step 4

बैटरी आगे इस उर्जा को ट्रांसफार्मर में भेज देती है जहा से आगे हमारे ट्रांसमिशन लाइन के जरिए उपकरणों और स्विच बोर्ड तक पहुच जाता है


सूर्य की किरणों में इतनी उर्जा है की एक दिन में सूर्या से निकलने वाली उर्जा को अगर हम बिजली में बदले तो पूरे एक महीने तक पूरे विश्व की बिजली की ज़रुरत को पूरा कर सकते है

पर अभी तक ऐसा उपकरण नही बना जो सूर्या उर्जा को पूरी तरह से विद्युत् उर्जा में बदल सके

यहाँ तक जो हम सौर्य पैनेल का इस्तेमाल करते है वो भी सूर्य से मिलने वाली उर्जा का बस 20 प्रतिशत ही विद्युत् उर्जा में बदल पाता है बाकी सब उर्जा ऊष्मा के रूप में व्यर्थ हो जाती है

 

सूर्या उर्जा के फायदे और नुक्सान

नंबर  फायदे  नुक्सान 
1  कभी न ख़त्म होने वाला उर्जा श्रोत   मौसम पर निर्भर 
2  बिजली बिल की झंझट ख़त्म   सेटअप बहुत महँगा है  
3  बहुत ज्यादा असरदार   बहुत जगह घेरने वाला श्रोत 
4  स्वतंत्र श्रोत   उचित रखरखाव की ज़रुरत  

 

हवा से बिजली कैसे बनती है – Air se bijali kaise banti hai

हमारे पास कभी न ख़त्म होने वाली जो उर्जा है वो पवन उर्जा है पानी एक बार ख़त्म हो भी सकता है पर हवा कभी ख़त्म नही हो सकती

यह पूरे विश्व में 5 प्रतिशत कुल बिजली बनाने में योगदान देता है, इसमें बिजली हवा के बल को इस्तेमाल करके उसकी उर्जा को विद्युत् उर्जा में बदला जाता है

इसकी सहायता से भी हम विद्युत् उर्जा बना सकते है, यह हमारे आज के लिए और हमारे आने वाले भविष्य के लिए एक स्थायी श्रोत है

इसका इस्तेमाल करने के लिए बहुत सारे पवन टरबाइन की ज़रुरत होती है और तो और इन टरबाइन को समुन्द्र और जमीन से बहुत ऊंचाई पर स्थापित किया जाता है ताकि ये ज्यादा से ज्यादा हवा का इस्तेमाल कर सके

यह हवा के बल से बिजली बनाने की प्रक्रिया होती है बड़ी बड़ी पवन चक्की लगायी जाती है यह अक्सर खुली जगह पर स्थापित की जाती है ताकि ज्यादा से ज्यादा हवा को इस्तेमाल कर सके

 

हवा से बिजली बनाने की प्रक्रिया

Bijali kaise banti hai | Electricity बिजली कैसे बनती है

Step 1

पवन की टरबाइन को हवा की दिशा में स्थापित किया जाता है

Step 2

पवन टरबाइन के तीन मुख्य भाग होते है

रोटर हवा के बल को पकड़ता है और इसे यांत्रिक उर्जा में बदलना है

Step 3

गुणक इसके रोटर की गति को बढ़ा देता है

Step 4

जनरेटर हवा से उत्पन्न यांत्रिक उर्जा को विद्युत् उर्जा में बदल देता है

Step 5

हर टरबाइन को केबलो के साथ जोड़ा जाता है जिससे हर टरबाइन में पैदा हुई विद्युत् उर्जा को केबलों के द्वारा ट्रांसफार्मर में भेजा जा सके

 

पवन उर्जा के फायदे और नुक्सान 

नंबर  फायदे  नुक्सान  
1  यह कभी न ख़त्म होने वाला श्रोत है   यह बहुत ज्यादा जगह लेता है  
2  पर्यावरण पर कोई असर नही करता   इसका सेटअप बहुत महँगा है  
3  इसका इस्तेमाल सरल होता है   ज्यादा उर्जा नही पैदा करता  

 

FAQ – Bijali (Electricity)kaise banti hai 

Q. बिजली पैदा करने का सबसे अच्छा श्रोत कौनसा है 

सूरज की उर्जा का इस्तेमाल करके बिजली पैदा करना सबसे अच्छा श्रोत है

Q. बिजली कैसे पैदा होते है 

प्राथमिक उर्जा को विद्युत् उर्जा में परिवर्तित करके बिजली पैदा होती है

Q. प्राकृतिक गैस के क्या नुक्सान है 

इसका गैर ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने पे बहुत भारी नुक्सान हो सकता है

Q. पानी के डैम क्यों बनाये जाते है 

डैम नदी के गिरते पानी से विद्युत् उर्जा बनाने के लिए बनाये जाते है

Q. बिजली कौन सी चीज से बनती है

बिजली किसी भी उर्जा को विद्युत् उर्जा में बदलकर बनती है

Q. बिजली क्यों कट रही है

गर्मी बढ़ने से और लगातार बिजली को देने से तारें बहुत ज्यादा गरम हो जाती है जिससे शोर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है इसी को कम करने के लिए घंटों के लिए बिजली काट देते है और तो और कभी कभी ज्यादा बिजली पैदा न होने के कारण बिजली को कम दिया जाता है

Q. हमारी बिजली कहां से आती है

बिजली स्टेशन जहाँ पर बिजली पैदा होती है वहाँ के स्टेशन से आती है

 

Conclusion

हम आशा करते हैं आपको हमारा Bijali kaise banti hai लेख पसंद आया होगा और साथ ही हमारे द्वारा इस लेख में दी गई यह जानकारी भी आपको पसंद आई होगी।

अगर आपको यह लगता है कि हमारे द्वारा प्रस्तुत या लेख आपके लिए महत्वपूर्ण रहा है तो आप अपने अमूल्य सुझावों को हमारे सुझाव बॉक्स में जरूर लिखें ताकि आगे आने वाले समय में हम आपके लिए इसी प्रकार के लेख लाते रहे और आपके ज्ञान में सकारात्मक वृद्धि करते रहे। धन्यवाद

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