4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ

4gl ki visheshtaen : आजके समय में हम सब किसी न किसी टेक्नोलॉजी के आदि तो होंगे ही जो हमारा काम करती हो जैसे ए सी, फ्रिज, मोबाइल, लैपटॉप. आदि और आज तो छोटे छोटे  गैजेट भी आते है जो खुदसे काम करते है

यह सब हमारे आम जीवन के लिए किसी चमत्कार से कम नही है वही यह सब आज प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (programming language) के कारण मुमकिन हो पाया है

प्रोग्रामिंग भाषा यानी जो कंप्यूटर समझते हैं जिनके कारण हम कंप्यूटर को अपनी मनचाही क्रिया करने के लिए प्रोग्राम कर पाते हैं जिसके कारण ही आज बड़े-बड़े इलेक्ट्रॉनिक यंत्र (Device) काम कर रहे हैं प्रोग्रामिंग भाषा भी  समय के साथ अपडेट हो रही है

हमारे Computer प्रोग्रामिंग भाषा ही समझते है और प्रोग्रामिंग भाषा की ही सहायता से हम बहुत सारे इलेक्ट्रॉनिक्स के उपकरण को प्रोग्राम कर पाते है

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में ही Java, c, c++ भी आती है  इनका नाम तो लगभग सबने सुना ही होगा आखिर कार C भाषा सबसे मुख्य भाषा है यह सबसे पहली भाषा है और हम ऐसा भी कह सकते है की यह बाकी सब प्रोग्रामिंग भाषा की जननी है

आजके समय में भाषाएँ भी पीडी के हिसाब से आगे बढ़ रही है उनमे सुझार आ रहा है वह अपडेट हो रही है, आज हम 4gl के बारे में पढेंगे

अर्थात 4th  generation language हिंदी में कहे तो 4 थी पीडी की भाषा, यह भाषा हम लोगों की भाषा नही है

यह वह भाषा है जिसके ज़रिये इंसान Computer से बात कर पाता Computer को अपनी बात समझाने के लिए और अपनी बात मनवाने के लिए हमें प्रोग्रामिंग करनी पड़ती है

और उस प्रोग्रामिंग की भी अपनी भाषा होती है यह हमारी आम भाषा से बहुत अलग है तभी तो इसे Computer की भाषा कहते है

पहली जनरेशन भाषा यानी C से लेके आज 5 th generation भाषा तक का बदलाव आया है, और एक पीडी अपनी पिछली पीडी से बेहतर है,

4 gl में SQL और PYTHON जैसी भाषाए शामिल है अगर आपको पता न हो तो बता दे की यह दोनों भाषा का इस्तेमाल सॉफ्टवेर बनाने के लिए मुख्य रूप से होता है

यह आज Computer इंजीनियरिंग वाले बच्चो का सबसे बड़ा औजार है

हर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बहुत सारे फायदे, बहुत सारी नई सुविधाओं के साथ आती है जो हमें कंप्यूटर के हार्डवेयर को प्रोग्राम करने में मदद करती है

इंटरनल कंप्यूटर हार्डवेयर में प्रोग्रामिंग में सहायता करती है तो आज हम फोर्थ जनरेशन फोर्थ लेवल भाषा की बात करेंगे और 4gl की विशेषताएँ पढेंगे

 

4GL ki Visheshtaen
4GL ki Visheshtaenin hindi 

 

4gl ki visheshtaen (4gl की विशेषताएँ )

4gl = 4th generation language = 4 थी पीढ़ी की भाषा 

फोर्थ जनरेशन से इतना तो अंदाजा लग जाता है कि फोर्थ लेवल लैंग्वेज से पहले, थर्ड लेवल लैंग्वेज (3gl), सेकंड लेवल लैंग्वेज (2gl ), फर्स्ट लेवल लैंग्वेज (1gl) होंगी और फोर्थ लेवल लैंग्वेज इन सबसे बेहतर है


4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ


1) प्रोसेस की आवश्यकता नही होती 

फोर्थ लेवल लैंग्वेज एक ऐसी भाषा है जिसमें प्रोसेस को नहीं दिखाया जाता है, सीधे परिणाम दिखाए जाते हैं यानी यह सीधे तरीके से काम करती है,

जरूरत से ज्यादा लिखने या जरूरत से ज्यादा तरीके से लिखने से आरामदायक है, फोर्थ लेवल लैंग्वेज सीधा आउटपुट दिखाती है ना कि उसका प्रोसीजर


2) समय बचाना और प्रोग्रामिंग को और उत्तम बनाना भी 4gl ki visheshtaen है 

  • आजके समय में इसके इस्तेमाल होने का सबसे बड़ा कारण यही है की यह बहुत कम समय लेती है और ज्यादा लिखना भी नही पड़ता
  • बहुत बड़ी-बड़ी क्रियाएँ छोटा सा प्रोग्राम लिखने से भी संभव हो जाती है

3) 4GL कम सिंटेक्स वाली भाषा है 

फोर्थ लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल करने के लिए आम सिंटेक्स (syntex) का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है बहुत सारे थर्ड लेवल, सेकंड लेवल, फर्स्ट लेवल जनरेशन में हमें बहुत से सिंटेक्स का इस्तेमाल करना पड़ता था ! जिससे हम छोटे से काम को करने के लिए भी बहुत ज्यादा लिखते थे

 


4) 4 GL एक हाई लेवल लैंग्वेज है 

हाई लेवल लैंग्वेज क्या है 

यह ऐसी भाषा है जिससे सीधा Computer से संपर्क किया जाता है यह एक-एक कोड करके रन होता है

  1. हाई लेवल लैंग्वेज जिनको कंपाइलर और इंटरप्रेटर की आवश्यकता होती है
  2. हाई लेवल लैंग्वेज किसी  भी प्लेटफार्म पर चल सकती है
  3. यह आसान होती है
  4. यह यूजर फ्रेंडली होती है अर्थात इसको समझना आसान है

5) प्रोसीजर मुक्त भाषा 

SQL, ORACLE, POST SCRIPT यह सब 4 GLभाषा है

 4GL प्रोसीजर मुक्त लैंग्वेज है ,  यानी इनको लिखने में प्रोसीजर का ध्यान रखने की आवश्यकता नहीं होती है और यह सब फोर्थ लेवल जनरेशन में आती है

 


6) 4GL भाषा यूजर को क्या करना है यह बताने को कहती है ना कि कैसे करना है ये बताने को कहती है

यूजर को सिर्फ ये डालना होता है किस तरह का काम करना है डायरेक्ट इंस्ट्रक्शंस देनी होती है ना कि पूरा का पूरा  प्रोसेस लिखना होता है


7) 4GL ki visheshtaen में सबसे मुख्य है की यह समझने और सीखने में आसान भाषा है 

  • इस भाषा का निर्माण इसलिए किया गया है, ताकि प्रोग्रामर आसानी से इसको स्वीकार् कर सके और यह टाइम बचाने और कम शब्दों में काम सम्पूर्ण करने और पैसे की बचत करने में सहायक है
  • यह लैंग्वेज बहुत ज्यादा यूजर फ्रेंडली होती है यानी इसको समझना और सीखना आसान है और इसको लिखना भी बहुत आसान होता है

8) 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ है की वह डाटा की सही तरह से संभल सकती है 

  • 4gl को क्वेरी भाषा, डाटा स्टोर करने वाली भाषा, रिपोर्ट जनरेट करने वाली भाषा के रूप में भी जाना जाता है
  • इसके इस्तेमाल से पिछली पीढ़ी की भाषाओं से ज़्यादा डाटा संसाधित किया जा सकता है इसमें अंग्रेजी शब्द और वाक्य शामिल है उदाहरण के तौर पर सभी रिकॉर्ड खोजें की जगह पर “लर्निंग मेनिया” का इस्तेमाल किया जाता है

9) प्राकृतिक भाषा से मेल खाती है 

यह प्राकृतिक भाषा के करीब है अर्थात इसका रूूूप आम अंग्रेजी भाषा के रूप जैसा ही होता है बस इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले अंग्रेजी के शब्दों का मतलब आम् अंग्रेजी से अलग होता है


10) एंड यूजर सपोर्ट देती है 4GL भाषा 

कुछ फोर्थ जनरेशन लैंग्वेज ऐसी है जिनका उद्देश्य है कि वह एंड यूजर का सपोर्ट दें और एक बहुत वेरी हाई लैंग्वेज के रूप में साबित हो और उन लैंग्वेज का इस्तेमाल प्रोफेशनल कंप्यूटर एक्सपर्ट द्वारा किया जाता है


4GL की अन्य मुख्य विशेषताएँ 

यह डोमेन के करीब है

यह एप्लीकेशन स्पेसिफिक भाषा है

यह किसी भी मशीन पर डिपेंड नहीं करती है यानी यह बहुत सारी मशीनों के लिए एक समान भाषा है यह ऐसी भाषा है जो किसी भी एक मशीन पर निर्भर नहीं करती है पहले के पीढ़ी की भाषाएं मशीन पर निर्भर करने वाली थी अर्थात उनके इस्तेमाल के लिए एक खास तरह के मशीन या कंप्यूटर कि आवश्यकता होती थी

फोर्थ जनरेशन लैंग्वेज के माध्यम से हम जो क्रिया करवा सकते हैं उसी क्रिया के लिए किसी और जनरेशन लैंग्वेज में हमें 10 गुना ज्यादा प्रोग्रामिंग लिखनी पड़ती है

वह लोग भी सॉफ्टवेयर बना सकते हैं जो कंप्यूटर के प्रोफेशनल्स नहीं हैं यह इस भाषा का सबसे बड़ा एडवांटेज है

4Gl लैंग्वेज का सबसे मुख्य ऑब्जेक्टिव टाइम बचाना था और programing को और व्यवस्थित और मजबूत् बनाना था 4gl ने बहुत से सक्षम टूल्स भी प्रदान किए है

SQLCLC,  SQLFORMS,  SQLREPORT,  SQLPLUS इसके कुछ टूल्स है

यह एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के जैसे काम करता है जो डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) के रूप में काम करता है यह डाटा को इकट्ठा करता है,  यह डाटा को रिट्रीव भी करता है और भी बहुत क्रिया द्वारा यूजर की ज़रुरत पूरी करता है यह सब भी 4gl की विशेषताएँ है 


4GL की मुख्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज 

SQL क्या है 

4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ

 

  • यह ऐसी भाषा है जिसका इस्तेमाल रिलेशनल डाटा बेस को इस्तेमाल करने के लिए किया जाता है
  • यह डाटा को टेबल में या excel शीट  के जैसे व्यवस्थित कर सकती है
  • यह किसी भी आकार के डाटा को समझ कर उसपे काम करने में सक्षम है और यह बहुत गति से बहुत से मुख्य फंक्शन को करने में सक्षम है, sql का हर काम दक्षता पूर्ण होता है
  • sql का सिंटेक्स बहुत ही आसन होता है इसमें किसी भी प्रोसीजर की आवशयकता नही होती है इसमें कोडर को क्या करना है बस इसका इंस्ट्रक्शन देना होता है बाकी sql खुदसे कर देती है
  • यह एक इंटेलीजेंट भाषा है

 

SQL मुख्य रूप से 5 काम करती है 

  1. डाटा को परिभाषित करना
  2. डाटा का हेरफेर करना
  3. डाटा को नियंत्रित रखना
  4. डाटा का लेन देन देखना
  5. डाटा कुएर्री

SQLको क्यों सीखना चाहिए 

4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ

  1. यह आजके समय में हर बिज़नस को आधार प्रदान करती है आजके समय में डाटा का संभाल सबसे मुख्य ज़रुरत है और sql इस ज़रुरत को ही तो पूरा करता है
  2. sql को ब्रह्माण्ड की भाषा कहा जाता है क्योंकि इसको सीखने से और भाषाओं को भी सीखना आसान हो जाता है sql सीखने से पाइथन (PYTHON) और जावा (JAVA) को भी सीखने में आसानी होती है
  3. यह एक खुला श्रोत है

 


पाइथन क्या है – Python kya hai 

 

4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ

https://www.python.org/

 

यह एक बहुत ही प्रचलित और आजके समय में ट्रेंड में चलने वाली भाषा है यह वेब डेवलपमेंट, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस जैसे क्षेत्रों को समझने के काम आता है

पाइथन ने जावा को पीछे छोड़ दिया है क्योंकि इसमें बहुत सी पहले से उपस्थित लाइब्रेरी है

पाइथन को सीधे सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है यह अभी तक की सबसे आसान और सीधे तरीके से इस्तेमाल होने वाली भाषा है


पाइथन की विशेषताएँ – Python ki visheshtaen

 

4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ

 

  1. पाइथन अच्छे करियर के विकल्प प्रदान करता है
  2. इसकी मांग बढती जा रही है और पाइथन का इस्तेमाल बहुत से क्षेत्र में होता है जिसके कारण इसके जॉब के अवसर भी बहुत ज्यादा है और यह ज्यादा वेतन का भी साधन है
  3. पाइथन डाटा साइंस और मशीन लर्निंग के लिए उपयोगी है
  4. पाइथन वेब डेवलपमेंट की भी सुविधा प्रदान करता है अर्थात डार्क वेब और वेब दोनों में ही पाइथन की सहायता से काम किया जा सकता है पाइथन में बहुत सारे फ्रेमवर्क मौजूद है इसलिए बस इसका इस्तेमाल करना आना चाहिए
  5. पाइथन का इस्तेमाल स्क्रिप्ट लिखने के लिए भी किया जाता है और इसका इस्तेमाल ऑटोमेशन में भी होता है आज एम्बेडेड का ज़बाना है इसलिए ऐसी भाषा की ज़रुरत होती है जिससे हम ऑटोमेशन पर काम कर सके और पाइथन सबसे आसान विकल्प है
  6. यह इस्तेमाल करने में आसान है इसमें पहले से ही PRELOADED लाइब्रेरी भी मिलती है जिसके कारण इसका इस्तेमाल और भी कारीगर हो जाता है

 


Perl, Ruby & Php भी अन्य 4 जनरेशन की भाषा है पर आजके समय से सबसे प्रसिद्ध भाषा Python और Sql है

इसको वह लोग भी सीखते है जिनको Computer के क्षेत्र में ज्यादा जानकारी न भी हो क्योंकि यह आसान और कारगर भाषा है, अब तो आप जान गये होंगे की 4gl ki  क्या visheshtaen  है


4gl Programing के फायदे 

यह प्रोग्रामिंग की प्रक्रिया को सरल बना देता है

इसमें किसी विधि की आवशयकता नही होती इसलिए यूजर आराम से अपनी मन के हिसाब से क्रिया कर सकता है

इसमें ग्रामर की कोई प्रतिबन्धता नही है यह सरल हिंदी भाषा जैसे काम करती है

इसको चलने के लिए किसी निर्धारित स्पेसिफिकेशन वाले computer की आवशयकता नही होती है

यह समय और मेहनत दोनों बचाती है

यह प्रोग्रामिंग को और अच्छा और सरल बना देती है


4gl Programing के नुकसान

यह पिछले जनरेशन की भाषाओं के मुकाबले कम लचीला है

यह प्रोसीजर की मांग नही करते जिसके कारण कभी-कभी हम इनके परिणाम को समझने में असहजता महसूर होती है


FAQs – 4GL ki visheshtaen in Hindi 

Q. 4gl क्या है ?

यह प्रोग्रामिंग की 4 थी पीढ़ी है

फोर्थ जनरेशन से इतना तो अंदाजा लग जाता है कि फोर्थ लेवल लैंग्वेज से पहले, थर्ड लेवल लैंग्वेज, सेकंड लेवल लैंग्वेज, फर्स्ट लेवल लैंग्वेज होंगी और फोर्थ लेवल लैंग्वेज इन सबसे बेहतर है इसमें python, sql, postscript, oracle प्रोग्रामिंग भाषा शामिल है

 

Q. प्रोग्रामिंग की कितनी जनरेशन है ?

4GL ki Visheshtaen | 4gl प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ

अभी तक तो इसकी केवल 5 जनरेशन है

  • 1gl

प्रोग्रामिंग की सबसे पहली पीढ़ी जिसमे c प्रोग्रामिंग शामिल है इसी पीढ़ी से computer को प्रोग्राम करने की शुरुआत हुई थी यह वैसे तो आजके पीढ़ी के मुकाबले बहुत कम सुविधा देती है पर यह सब पीढ़ी का आधार है

  • 2gl

यह 1gl से थोड़ी बेहतर है इसे प्रोग्रामिंग भाषा की दूसरी पीढ़ी कहते है

  • 3gl

यह भी 2gl से बेहतर इसे प्रोग्रामिंग भाषा की तीसारी  पीढ़ी कहते है

  • 4gl

यहाँ से हाई लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल होना शुरू हुआ है यह पिछली पीढ़ी से बहुत ज्यादा बेहतर है और इसे प्रोग्रामिंग भाषा की चौथी पीढ़ी कहते है

  • 5gl

यह आजके समय में चलने वाली पीढ़ी है यह 4 पीढ़ी का और अच्छा वर्शन(VERSION) है इसमें और 4 थी पीढ़ी में ज्यादा फरक नही हैं इसे प्रोग्रामिंग भाषा की पांचवी पीढ़ी कहते है

 

Q. 4 gl की विशेषताएँ क्या है ?

  • यह समय बचाती है
  • इसमें हाई लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल होता है
  • यह आसान होती है
  • इसे computer के क्षेत्र में न रहने वाला व्यक्ति भी सीख सकता है

 

Q. प्रोग्रामिंग क्या है ?

हमें अपने computer से काम कराने के लिए उसको सिखाना या समझाना होता है और जिस भाषा या तरीके से हम ऐसा करते है उसे प्रोग्रामिंग कहते है

प्रोग्रामिंग का सीधा अर्थ किसी चीज़ को अपने हिसाब से ढालना होता है

 

Conclusion 

इस ब्लॉग लेख में आपने 4GL प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ क्या है के बारें में जाना। आशा करते है आप 4GL ki Visheshtaen, 4GL Full Form और 4GL की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

अगर आपका इससे संबन्धित किसी भी तरह का सवाल है तब नीचे कमेन्ट में पूछ सकते है जिसका जवाब जल्द से जल्द दिया जायेगा।

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