Postal Code kya Hota hai | पोस्टल कोड और ज़िप कोड क्या होता है

postal code kya hota hai : आजके समय में हम सबने पिन कोड, पोस्टल कोड या ज़िप कोड का इस्तेमाल किया ही होगा और अगर इस्तेमाल नही किया होगा तो भी कभी न कभी इन शब्दों के बारे में सुना ही होगा

और आप भी यह जानना चाहते होंगे की आखिर postal code kya hota hai आपकी जानकारी के लिए बता दे की ये तीनो एक ही चीज़ें है

जिनका नाम अलग है पर यह एक ही कोड को दर्शाते है इनको अलग-अलग जगह इस्तेमाल करने के कारण इनको कई नामो से संबोधित किया जाता है

हम जब ऑनलाइन शौपिंग करते है तो हमें अपने पते में पिन कोड ज़रूर डालना पड़ता है तो कभी-कभी तो ये जानने की इच्छा होती ही है की ये पिन कोड क्या है

इसका काम क्या है ये कैसे बना है आदि पोस्टल कोड के बारे में आपने ज़रूर पोस्ट ऑफिस से पत्र का आदान प्रदान करते समय सुना होगा और ज़िप कोड तो खुद ही पिन कोड का एक और नाम है जिसका मतलब है की कोड में छुपी हुई जानकारी, पोस्टल कोड, पिन कोड और ज़िप कोड एक ही है

आजके हमारे इस आर्टिकल का उद्देश्य आपके मन में पिन कोड, पोस्टल  कोड या ज़िप कोड से जुडी हर जानकारी देना और आपके मन में बसी आशंकाओं को दूर करना है

 

Postal Code kya Hota hai
Postal Zip Code kya Hota hai

 

विषय

Postal Code kya Hota hai (पोस्टल कोड क्या है )

यह एक 6 अंकों का कोड होता है जो भारत में एक विशिष्ट एरिया को दर्शाता है भारत में सभी एरिया को पिन कोड के माध्यम से बाँट दिया गया है

जिसके कारण आज हर एक एरिया का अपना एक पिन कोड अर्थात पोस्टल कोड है, हर एरिया के लिए यह 6 अंक अलग अलग होते है

  • पोस्टल कोड का नाम

इसका नाम पोस्टल कोड इसलिए है क्योंकि इसका निर्माण पोस्ट की सेवाओं को सही से प्रदान करने के लिए हुआ था, यह पोस्ट ऑफिस के लिए बनाया गया था ताकि पता गलत होने पे जो पोस्ट रुक जाते थे उनको उनके सही पते पे पहुँचाया जा सके

अब तो आप समझ ही गए होंगे इस कोड का नाम पोस्टल कोड क्यों है

पोस्टल अर्थात पोस्ट ऑफिस से जुडा कोड अर्थात अंकों से मिलके बनी एक संख्या 


  • पोस्टल कोड का निर्माण किसने किया

पोस्टल कोड का निर्माण 15 अगस्त 1972 मे किया गया था इसका निर्माण श्री राम भिकाजी वेलंकर के द्वारा किया गया था यह एक यूनियन मिनिस्टर के सेक्रेटरी थे, इस सिस्टम का निर्माण गलत पते के कारण पोस्ट न पहुँच पाना या गलत पते पे पहुच जाना, पता ढूँढने में दिक्कत होने जैसी समस्याओं को सुलझाने के लिए हुआ था अब तो यह साफ़ होगा की postal code kya hota hai और इसका निर्माण  क्यों करना पड़ा


पिन  कोड क्या है (pin code kya hai)

पोस्टल कोड का ही एक नाम पिन भी है पिन का पूरा नाम पोस्टल इंडेक्स नंबर है अर्थात पोस्टल कोड

पिन = PIN = POSTAL( पोस्टल ) INDEX( इंडेक्स ) NUMBER (नंबर )

इसका इस्तेमाल हर जगह होता है आप कही भी चले जाए वहाँ पर आपका अगर पता लगेगा तो पिन की भी मांग अवश्य होगी इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने के कारण इसके बड़े से नाम की जगह लोगों ने छोटा नाम अर्थात पिन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जो की आज के समय में एक स्टैण्डर्ड बन गया है

अब तो आप समझ गए होंगे की पोस्टल कोड क्या होता है और पिन कोड क्या होता है दोनों में कोई भेद ही नही है


ज़िप कोड क्या है (Zip code kya hai )

पहली बात तो ये की ज़िप कोड भारत का सिस्टम ही नही है यह यूनाइटेड स्टेट्स अर्थात अमेरिका का सिस्टम है और अगर आप ये जानने के इच्छुक है की क्या भारत में ज़िप कोड का इस्तेमाल होता है तो आपको बता दे की भारत में लोग पोस्टल कोड को ही ज़िप कोड भी कहते है

पर अगर हम असल ज़िप कोड की बात करे तो ये अमेरिका के देश का कोड है जैसे हमारे देश में पोस्टल कोड है वैसे उनके देश में ज़िप कोड है

दोनों अलग है दोनों की संख्या अलग है दोनों की बनावट भी अलग है दोनों में सिर्फ एक चीज़ सामान है की दोनों किसी एरिया को ही दर्शाते है तो आइये हम असल ज़िप कोड अर्थात अमेरिका के ज़िप कोड के बारे में जानते है

अमेरिका का ज़िप कोड (America ka zip code )

सबसे पहले पोस्ट कोड को सही से हर जगह के पते पे पहुंचाने के लिए अमेरका ने ज़िप कोड का इस्तेमाल किया गया था अर्थात एक ऐसा कोड जो किसी एरिया को दर्शाए

और आपको बता दे की यह ज़िप कोड सिर्फ उनके देश में आपस में पत्र के आदान प्रदान के लिए है इसका भारत से कोई सम्बन्ध नही है ना ही इसका इस्तेमाल भारत में हो सकता है

सबसे पहले अमेरिका द्वारा निर्माण किये गए ज़िप कोड में 5 अंक थे यह 5 अंकों से मिला कोड ही उनका ज़िप कोड था हर अंक का अपना काम और अपना अलग इस्तेमाल और विशेषता थी, हम था शब्द का इस्तेमाल इसलिए कर रहे है क्योंकि 1983 में ही ज़िप कोड में अंकों की संख्या बढ़ा दी गयी थी

1983 में ज़िप कोड में 4 अंक और जोड़े गए थे जिससे 5 अंकों का बना ज़िप कोड 9 अंक का हो गया और आज भी यही 9 अंकों वाले ज़िप कोड के सिस्टम का अमेरिका में इस्तेमाल होता है

 

भारत में ज़िप कोड क्या है (zip code kya hai )

भारत में लोग पोस्टल कोड अर्थात पिन को ही ज़िप कोड भी कहते है पर असल में अगर ज़िप कोड की बात करे तो यह भारत का सिस्टम नही है यह अमेरका का सिस्टम है भारत का सिस्टम तो पोस्टल कोड है

पोस्टल कोड और ज़िप कोड दोनों अलग-अलग देश के एरिया को दर्शाते है यह एक दुसरे से भिन्न भी है पर दोनों ही अपने देश में अलग-अलग अरे को दर्शाने के लिए इस्तेमाल होते है इनका इस्तेमाल सामान होने के कारण भारत में लोग पोस्टल कोड को ही ज़िप कोड भी कहते है


ज़िप कोड और पोस्टल कोड में क्या अंतर है 

पोस्टल कोड   ज़िप कोड 
पोस्टल कोड एक प्रकार का कोड है जो किसी एरिया को दर्शाता है पर इसका इस्तेमाल सिर्फ भारत में हो सकता है    ज़िप कोड एक प्रकार का कोड है जो एरिया को दर्शाता है और इसका इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका में होता है   
यह भारत का कोड है   यह अमेरिका का कोड है  
पोस्टल कोड में 5 अंक होते है   ज़िप कोड में 9 अंक होते है  
इसकी संरचना ज़िप कोड से भिन्न है   इसकी संरचना पोस्टल कोड से भिन्न है  

 भारत में पोस्टल कोड को ज़िप कोड भी कहा जाता है 


पोस्टल कोड कैसे काम करता है 

पोस्टल कोड जिसे पिन कोड या ज़िप कोड भी कहते है उसमे 6 digit होते है हर डिजिट (digit) एक विशेष चीज़ को दर्शाता है

पोस्टल कोड की हर संख्या एक विशेष एरिया को दर्शाती है और कुल मिला के भारत के हर एरिया को पोस्टल कोड द्वारा विभाजित किया गया है तो आइये जानते है की postal code kya hota hai तथा इसके हर एक अंक का क्या अर्थ है और यह कैसे बनता है


Postal Code kya Hota hai | पोस्टल कोड और ज़िप कोड क्या होता है


पोस्टल कोड की पहली संख्या (first digit of postal code)

यह पोस्टल जोन(zone) बताने के लिए इस्तेमाल होता है

भारत में कुल नौ डाक क्षेत्र है जिसमे से एक भारतीय सेना के लिए है इसमें भारत के राज्यों को डाक क्षेत्र के रूप में विभाजित किया हुआ है और नौवा डाक क्षेत्र भारतीय सेना का है

पोस्टल कोड की पहली संख्या इन्ही आठ क्षेत्र में से होता है जिस क्षेत्र का पोस्ट होता है वह उस क्षेत्र के नंबर को दर्शाता है

आप जिस भी राज्य में है आपके पूरे राज्य या आस पास के कुछ राज्य के पिन कोड का पहला डिजिट सामान होगा क्योंकि यह पहला अंक आपके राज्य को दिया गया है राज्यों को बांटा गया है

पर ऐसा ज़रूरी नही है की हर राज्य का अपना पहला अंक हो नौ अंक को नौ भागो में बाँट दिया गया है किसी भाग में एक राज्य तो किसी में एक से ज्यादा राज्य है

 

पोस्टल कोड का पहला अंक (digit) कैसे विभाजित है

  • दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लदाख इन राज्यों में रहने वाले लोगों के पिन कोड का पहला digit 1 है
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रहने वाले लोगों के पिन कोड का पहला digit 2 है
  • राजस्थान, गुजरात, दमन एंड दिउ, दादरा एंड नगर हवेली में रहने वाले लोगों का पहला पिन कोड digit 3 है
  •  महाराष्ट्, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में रहने वाले लोगों के पिन कोड का पहला digit 4 है
  • तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में रहने वाले लोगों का पिन कोड का पहला digit 5 है
  • तमिलनाडु, केरला, पुन्दुचेर्री, लक्षद्वीप में रहने वाले लोगों का पोस्टल कोड का पहला digit 6 है
  • वेस्ट बंगाल, ओडिशा, अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय, अंडमान एंड निकोबार, असम और सिक्किम में रहने वाले लोगों के पिन कोड के पहले digit 7 आता है
  • बिहार और झारखण्ड में रहने वाले लोगों के पहले अंक का digit 8 है
  • नौवा digit सिर्फ आर्मी के लिए इस्तेमाल होता है
पोस्टल कोड  की पहली अंक (digit)   क्षेत्र 
दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लदाख 
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड 
3   राजस्थान, गुजरात, दमन एंड दिउ, दादरा एंड नगर हवेली 
4   महाराष्ट्, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ 
5   तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक 
6   तमिलनाडु, केरला, पुन्दुचेर्री, लक्षद्वीप 
7   वेस्ट बंगाल, ओडिशा, अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय, अंडमान एंड निकोबार, असम और सिक्किम 
8   बिहार और झारखण्ड 
9   भारत की आर्मी  

 

पोस्टल कोड का दूसरा अंक (first two digit of postal code)

यह पोस्टल जोन को विभाजित करता है

पोस्टल कोड का पहला अंक और दूसरा अंक साथ में जुड़ के अलग-अलग राज्य को दर्शाते है जैसे की digit 1 का इस्तेमाल काफी राज्य करते है इन राज्यों को एक दुसरे से अलग करने के लिए दूसरी संख्या का इस्तेमाल होता है

1 digit अकेले दिल्ली, हरयाणा को साथ में दर्शाती है पर इनको अलग करने के लिए दुसरे अंक(digit ) का इस्तेमाल होता हिया 11 दिल्ली को दर्शाता है और 12 हरयाना को दर्शाता है

दोनों में पहली संख्या सामान है फरक दूसरी संख्या का है postal code kya hota hai पोस्टल कोड की पहले और दुसरे अंक का क्या अर्थ है आइये टेबल से समझे

पोस्टल कोड के पहले दो अंक   क्षेत्र  
11   दिल्ली  
12 – 13   हरयाणा  
14 – 15   पंजाब  
16   चंडीगढ़  
17   हिमाचल प्रदेश  
18-19   जम्मू एंड कश्मीर, लदाख  
20-28   उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड  
30-34  राजस्थान  
36-39  गुजरात  
40-44  महाराष्ट्र 
45-48  मध्य प्रदेश  
49  छत्तीसगढ़  
50  तेलंगाना  
51-53  आंध्र प्रदेश  
56-59  कर्नाटक  
60-66  तमिल नाडू  
67-69  केरला  
70-74  वेस्ट बेंगाल  
75-77  ओडिशा  
78   असम  
80 -85   बिहार, झारखण्ड  
90 – 99   आर्मी पोस्टल सेवा  

पोस्टल कोड का तीसरा अंक (third digit of postal code)

यह सोर्टिंग डिस्ट्रिक्ट(sorting district ) बताता है

पिन कोड का तीसरा अंक पहले दोनों अंकों के साथ मिल के एक विशिश्र भूगोलिक क्षेत्र को दर्शाता है हर राज्य में सबसे बड़े जिले को तीसरे अंक के माध्यम से दर्शाया जाता है इसे पोस्ट ऑफिस का चुना हुआ क्षेत्र भी कहते है

हर राज्य में एक पोस्ट ऑफिस का चुना हुआ जिला होता ही है पर किसी राज्य में एक से ज्यादा चुने हुए जिले भी हो सकते है इस जिले में उस राज्य का सबसे बड़ा डाक घर बनता है जहाँ से पूरे राज्य के डाक घर की संभल होती है

पोस्टल कोड का तीसरा अंक दोनों अंकों से मिलके हर राज्य में एक पोस्ट केंद्र को प्रदर्शित करता है और जिस जिले में यह मुख्य केंद्र होता है उसे सोर्टिंग जिला भी कहते है

 

पोस्टल कोड का चौथा अंक (fourth digit of postal code ) 

यह सोर्टिंग डिस्ट्रिक्ट का रास्ता बताता है

पोस्टल कोड का चौथा अंक एक राज्य की सोर्टिंग जिले से दुसरे राज्य के सोर्टिंग जिले के बीच का मार्ग बताता है  यह केंद्र जिले के बीच हर पोस्ट ऑफिस का रास्ता बताता है जो बीच में पड़ते है

यह अंक कोर एरिया (core area) में बसे पोस्ट ऑफिस के लिए जीरो होता है

पोस्टल कोड के आखरी दो अंक (Last two digit of postal code)

पोस्टल कोड के आखिरी दो अंक delivery के लिए होते है अर्थात यह किसी राज्य में छोटे छोटे पोस्ट ऑफिस में पत्र को बांटने के लिए इस्तेमाल होते है

पोस्टल कोड के आखिरी के दो अंक की शुरुआत 01 से होती है यह किसी भी राज्य के सोर्टिंग जिले से उसी राज्य के अन्य पोस्ट ऑफिस को दर्शाते है

इसी से हम किसी भी राज्य के अन्दर के एरिया को अलग-अलग करके विभाजित कर पाते है यह आखिरी के दो अंक ही उस राज्य को अन्दर से विभाजित करने में सहायता करते है

01 हेड पोस्ट ऑफिस को दर्शाता है और अंक के बढ़ने से हम बड़े एरिया से छोटे एरिया की तरफ जाते है

आपने देखा होगा की आपसे थोड़े दूर रह रहे व्यक्ति और आपके पिन में बस आखरी की दो संख्याओं का ही फरक होता है यह आप लोगों के एरिया के अलग होने के कारण होता है

यदि राज्य बहुत बड़ा हो और उस राज्य का सारा काम एक केंद्र से न संभल रहा हो तो एक और केंद्र का निर्माण किया जाता है और दोनों केन्द्रों को अलग अलग कोड असाइन किये जाते है

पोस्टल कोड अथवा पिन कोड के 6 वो अंकों का अर्थ और इस्तेमाल समझ गए होंगे हमें आशा है की postal code kya hota hai और कैसे बना है आपको समझ आ गया हो


Delivery system ( डिलीवरी सिस्टम )

हर पोस्टल कोड अर्थात पिन कोड को एक पोस्ट ऑफिस से लिंक किया जाता है, ताकि उस इलाके के सारे पोस्ट उस पोस्ट ऑफिस पर आये और फिर उनको पते के हिसाब से बाँट दिया जाता है

एक पोस्ट ऑफिस के अन्दर के सब पोस्टल कोड एक जैसा ही जुरीकदिकशन jurisdiction कोड होता है

हर इलाके के पोस्ट ऑफिस का हेड ऑफिस आम तौर पर शहर में बसा होता है जहाँ से यह छोटे छोटे पोस्ट ऑफिस जुड़े होते है, गावं में या दिहाती एरिया में बसे पोस्ट ऑफिस की सेवांए ज्यादा नही होती


पोस्टल कोड का क्या इस्तेमाल है

जिसके लिए इसका निर्माण हुआ था वह तो आप समझ ही गए होगे, पोस्ट को सही से बांटने के लिए इसका निर्माण हुआ था पर आजके समय में और भी बहुत जगह इसका इस्तेमाल होता है

 

  • ऑनलाइन शौपिंग

ऑनलाइन शौपिंग में अगर आपको कुछ ख़रीदना है तो अपना पिन कोड डालना ही पड़ता है क्योंकि आजके समय में हर ऑनलाइन एप पिन कोड की सहायता से ही सामान पहुंचाती  है

पिन कोड की सहायता से आपके पते में कुछ गड़बड़ होने पर भी आपका समान आप तक पहुँच जाता है

  • पते के साथ

आज जितना पते की अहेमियत है उतनी ही पते के साथ पिन कोड लिखना भी ज़रूरी है क्योंकि बिना पिन कोड लिखे आपका पता पूरा नहीं समझा जाता है इसलिए आज जहाँ भी पता लिखना पड़ता है वहाँ एक कोलम पिन कोड का भी होता है

जब भी एक चीज़ को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो भी पिन कोड की आवशयकता होती है इसी सुविधा को बेहतर बनाने के लिए पिन कोड का निर्माण किया गया था


Pin code kaise pata kare (पिन कोड कैसे पता करे)

पिन कोड पता करने के लिए नीचे दिए Steps को Follow करे

  • step 1

सबसे पहले गूगल पर “Find my Pin Code” सर्च करे

  • step 2

आपके सामने जितनी भी साईट खुली हो उसमे से सबसे पहली साईट www.indiapost.gov.in होंगी, इस साईट पर click करे

  • step 3

आपके सामने एक पेज खुल जायेगा इस पेज में अपना पता भरे, इसमें एक बॉक्स पोस्ट ऑफिस के नाम का भी होगा अपने सबसे पास वाले पोस्ट ऑफिस का नाम भरे

  • step 4

फॉर्म भरने के बाद आपको कैप्त्चा भरना होगा, कैप्त्चा भरके ओके कर दीजिए

  • step 5

आपको आपके क्षेत्र का पिन कोड मिल जायेगा

अगर आपको अपने शहर का या अपने प्रदेश का पिन कोड जानना है तो बस गूगल पे “pin code of uttar pradesh”  ऐसे सीधा अपने राज्य के बारे में डाल सकते है और अगर शहर का जानना है तो शहर का भी समान ही तरीका है

postal code kya hota hai ये तो आप जान ही चुके थे अब कैसे निकालें ये भी जान गए है आइये और भी कुछ ज़रूरी तथ्य जाने


गलत पोस्टल कोड से क्या होगा

एक बार आपका पता गलत हो जाये तो भी कोई दिक्कत नही होती पर अगर आपने पोस्टल कोड ही गलत डाल दिया है, तब तो यह बहुत बड़ी समस्या है

क्यों कि आपका वह गलत पिन कोड किसी और पता की जानकारी देगा जो आपके पते से अलग होगा इसलिए जैसे भी हो सके इसको सही करवाइए

अगर आपने कोई चीज़ ऑनलाइन मंगवाई है और पिन कोड गलत हो गया है तो उसको कैंसिल कर दे अन्यथा वह आपके पास तो पहुँच नही पायेगा और भी लोगो का समय बर्बाद  होगा

अगर आखिरी की एक Digit में ही गड़बड़ है तो कोई बात नही क्योंकि आखिरी की आस पास की digit आस पास के इलाके की ही होती है पर आखिरी digit के इलावा किसी और digit का गलत होगा तो बहुत बड़ी समस्या है


FAQs – postal code kya hota hai in Hindi 

Q. भारत का ज़िप कोड क्या है 

भारत में पोस्टल कोड को ही Zip Code कहते है और पोस्टल कोड 6 अंको का कोड होता है जो एरिया की पूरी जानकारी रखता है और हर एरिया के लिए अलग-अलग होता है

Q. 6 अंकों का कोड क्या है ?

6 अंकों का कोड पोस्टल इंडेक्स ( postal index number ) नंबर है जिसे हम पिन कोड या ज़िप कोड भी कहते है यह हर एरिया के लिए अलग-अलग होता है और हर एरिया की पहचान उसके पिन कोड से ही होती है

Q. पोस्ट कोड के उदहारण क्या है ?

  • 226001  यह लखनऊ का पिन कोड अर्थात पोस्टल कोड है
  • 141001 यह लुधियाना का पिन कोड अर्थात पोस्ट कोड है
  • 400008 यह मुंबई का पिन कोड अर्थात पोस्ट कोड है

इन सब का पहला अंक भारत के 9 क्षेत्र में से एक क्षेत्र को दर्शाता है और पहला और दूसरा अंक साथ में अलग-अलग राज्य को दर्शाते है, तीसरा अंक राज्य के मुख्य पोस्ट ऑफिस के जिले को दर्शाते है, चौथा अंक रास्ता को दर्शाता है और आखिरी के 2 अंक डिलीवरी की जगह को दर्शाता है

Q. पिन कोड और ज़िप कोड में क्या अंतर है ?

पिन कोड का इस्तेमाल भारत में होता है और यह 6 अंकों का है और ज़िप कोड का इस्तेमाल अमेरिका में होता है और ये पहले 5 अंकों का था और अब 9 अंकों का हो गया है

बाकी इनका काम सामान है यह दोनों ही अपने अपने देश में पोस्ट के वितरण में काम आते है

Q. पिन कोड का पहला अंक क्या दर्शाता है ?

भारत 9 क्षेत्रों में बंटा हुआ है और पोस्टल कोड का पहला अंक इन्ही क्षेत्रों में से किसी एक क्षेत्र को दर्शाता है अब वह निर्भर करता है की आप किस क्षेत्र के पोस्टल कोड की बात कर रहे है, आइये आपको एक टेबल के माध्यम से बताये की किस राज्य का पहला अंक क्या है

पोस्टल कोड  की पहली digit   क्षेत्र 
1  दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लदाख 
2  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड 
3   राजस्थान, गुजरात, दमन एंड दिउ, दादरा एंड नगर हवेली 
4   महाराष्ट्, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ 
5   तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक 
6   तमिलनाडु, केरला, पुन्दुचेर्री, लक्षद्वीप 
7   वेस्ट बंगाल, ओडिशा, अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय, अंडमान एंड निकोबार, असम और सिक्किम 
8   बिहार और झारखण्ड 
9   भारत की आर्मी  

 

Q. दिल्ली का पोस्टल कोड क्या है 

Delhi  का पोस्टल कोड 110001 से शुरू होता है क्षेत्र के हिसाब से आखिरी दो संख्या बदलती रहती है पर संयुक्त दिल्ली के लिए पहले 4 कोड सामान होते है और दिल्ली के एरिया के हिसाब से आखिरी के दो कोड बदलते रहते है

Q. मुंबई का पोस्टल कोड क्या है ?

मुंबई के पोस्टल कोड की शुरुआत 400001 से होता है और इसमें भी आखिरी के दो अंक एरिया के हिसाब से बदलते रहते है पर पहले के 4 अंक सामान रहते है वह पूरी मुंबई के लिए सामान रहते है अर्थात पूरे मुंबई के लिए 4000 पोस्टल कोड में सामान रहता है

 

Conclusion

इस ब्लॉग लेख में आपने Postal Code kya Hota hai और ज़िप कोड क्या होता है के बारें में जाना। आशा करते है आप Postal code meaning in Hindi की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

अगर आपका इससे संबन्धित किसी भी तरह का सवाल है तब नीचे कमेन्ट में पूछ सकते है जिसका जवाब जल्द से जल्द दिया जायेगा।

आपको लगता है कि इसे दूसरे के साथ भी शेयर करना चाहिए तो इसे सोश्ल मीडिया पर सबके साथ इसे साझा अवश्य करें। शुरू से अंत तक इस लेख को पढ़ने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया…

2 thoughts on “Postal Code kya Hota hai | पोस्टल कोड और ज़िप कोड क्या होता है”

  1. आपने मेरे चिट्ठे पर निम्न टिप्पणी की।
    “मैं आपकी वेबसाइट को बहुत ही ज्यादा पसंद करती हूं, ऐसी वेबसाइट किसी की नहीं मिली अभी तक। और आपके ऑर्टिकल पढ़ने के बाद मैंने भीं ब्लॉग लिखाना शुरू किया हैं, क्या आप मेरी वेबसाइट देख कर बता सकते हैं। क्या मैं सही काम कर रही हूं प्लीज़ मेरी मदद करें।”
    मैंने आपकी वेबसाइट देखी। यह बहुत अच्छी है। ऐसे ही लिखती रहिये। इसे सोशल मीडिया पर भी शेयर कीजिये।

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